नज़्म इंतज़ार

इंतजार इक सदी सा लम्बा लगता है
कभी बीती बातों का आईना लगता है

देख लेती सूरत भी तेरी आईने में उस
दुनिया के कहर से  डर बड़ा लगता है

लौट आते है पल सारे वो सुहाने मेरे
तेरे साथ सुख और दुख में गुज़ारे मैंने

एक लम्हा सदी का इंतज़ार सही
तेरे मिलने ना मिलने जा इंतजार सही

नज्म ------------ अरु 

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